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गुरुवार, 23 जुलाई 2015

काम के प्रति ईमानदारी 


अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का जीवन अभावों में गुजरा था. कम उम्र में उन्हें जीवनयापन के लिए कई काम करने पड़े. कुछ दिनों तक उन्होंने चाय की दुकान पर काम किया. एक दिन एक महिला उनके दुकान पर आई. उसने लिंकन से पाव भर चाय मांगी। लिंकन ने महिला को जल्दी में चाय तौल दी. बाद में हिसाब करने पर पता चला कि भूलवश उसने महिला को आधा पाव ही चाय दी है. वे अपराधबोध से उसके घर गये. दरवाज़ा खटखटाया तो महिला ने दरवाज़ा खोला। लिंकन ने कहा कि क्षमा कीजिये, गलती से आपको आधा पाव ही चाय दी थी, यह लीजिये बाकी चाय. महिला आश्चर्य से उन्हें देखने लगी. फिर उसने कहा- बेटा,  तू आगे चलकर महान आदमी बनेगा. उसकी भविष्वाणी सच निकली.